Defense stock: राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में पहले से ही एयरस्पेस और डिफेंस से जुड़ी कंपनियां शामिल रही हैं, जिनमें खास तौर पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे नामों पर हमेशा से लंबी अवधि का भरोसा दिखाया गया। ब्रोकरेज हाउस भी इन्हीं कंपनियों पर बुलिश हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार HAL, BEL, भारत डायनेमिक्स (BDL) और एस्ट्रा माइक्रोवेव (AMPL) में 25–36 प्रतिशत तक अपसाइड की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इन कंपनियों की मजबूत ऑर्डर बुक, स्थिर कैशफ्लो और सरकार से लगातार मिल रहे नए प्रोजेक्ट इन्हें फेवरेट डिफेंस प्ले बनाते हैं।
60% डिस्काउंट पर मिल रहा मौका
डिफेंस सेक्टर में 2025 के दौरान तेज रैली के बाद अब कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अपने एक साल के हाई से 50–60 प्रतिशत तक नीचे ट्रेड कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर कुछ इंजीनियरिंग और कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयर, जिनका 52‑वीक हाई 70–80 रुपये रहा है, वे फिलहाल 30–40 रुपये के दायरे में देखे जा रहे हैं, यानी लगभग 45–60 प्रतिशत डिस्काउंट पर। इसी तरह कई शिपबिल्डिंग और मिसाइल सिस्टम से जुड़ी कंपनियों में भी करेक्शन के बाद वैल्यू ज़ोन बन चुका है, जबकि सेक्टर का लंबी अवधि का ग्रोथ ट्रेंड अब भी पॉज़िटिव है।
डिफेंस सेक्टर का ताज़ा डेटा और ग्रोथ
सरकार ने हाल ही में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल के जरिए लगभग 79,000 करोड़ रुपये के कैपिटल प्रपोज़ल्स को मंजूरी दी है, जिससे HAL, BEL, BDL और अन्य घरेलू कंपनियों के लिए ऑर्डर पाइपलाइन और मजबूत होने की उम्मीद है। इसके अलावा फाइनेंशियल ईयर 2025‑26 के लिए डिफेंस बजट को लगभग 6.81 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 6.3 प्रतिशत अधिक है और इससे सेक्टर में लंबे समय तक ऑर्डर फ्लो बरकरार रहने की संभावना मजबूत होती है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार डिफेंस‑थीम्ड फंड्स और ETF ने पिछले कुछ महीनों में 50–60 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है, जो इस थीम में निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत है।
वैल्यू इनवेस्टर्स के लिए मुख्य संकेत
डिफेंस स्टॉक्स में हालिया करेक्शन के बाद जो शेयर अपने 52‑वीक हाई से लगभग 60 प्रतिशत तक टूट चुके हैं, वे लॉन्ग टर्म इनवेस्टर के लिए आकर्षक वैल्यू ज़ोन में माने जा रहे हैं, खासकर तब जब कंपनी की ऑर्डर बुक, रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के आंकड़े सुधर रहे हों। सेक्टर में तेज रैली के बाद भी सरकार का फोकस इंडिजेनाइजेशन, एक्सपोर्ट प्रमोशन और प्राइवेट सेक्टर पार्टिसिपेशन पर बना हुआ है, जिसके चलते HAL, BEL, BDL और अन्य डिफेंस कंपनियां आने वाले वर्षों में भी केंद्र में रहने की संभावना रखती हैं। निवेशक आमतौर पर ऐसे समय में एंट्री लेते हैं जब क्वालिटी डिफेंस स्टॉक्स हाई से बड़े डिस्काउंट पर उपलब्ध हों लेकिन सेक्टर की फंडामेंटल स्टोरी पहले से ज्यादा मजबूत दिख रही हो।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







