Railway PSU: Indian Railway Finance Corporation (IRFC) भारतीय रेल मंत्रालय के तहत काम करने वाली सरकारी NBFC है, जो Indian Railways और उससे जुड़ी PSU कंपनियों के लिए लंबी अवधि का फाइनेंस उपलब्ध कराती है। कंपनी रोलिंग स्टॉक, प्रोजेक्ट फाइनेंस और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लोन और लीजिंग मॉडल के जरिए फंडिंग करती है, जिसकी वजह से इसकी बुक ज्यादातर सरकारी गारंटी वाले सुरक्षित एसेट्स से बनी होती है और NPA प्रोफाइल ज़ीरो के आसपास बनी रहती है।
Q3 FY26 के तिमाही नतीजे
दिसंबर 2025 को खत्म हुई Q3 FY26 में IRFC का नेट प्रॉफिट 10–10.5% की ग्रोथ के साथ करीब ₹1,802–1,802.19 करोड़ तक पहुंच गया, जो कंपनी का अबतक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा है। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय लगभग ₹6,719 करोड़ के आसपास रही, जबकि पहले नौ महीनों में कुल PAT ₹5,324 करोड़ से ज्यादा रहा, जो सालाना आधार पर डबल–डिजिट ग्रोथ दिखाता है।
AUM, मार्जिन और फंडिंग अपडेट
Q3 FY26 के अंत तक IRFC का Assets Under Management (AUM) रिकॉर्ड स्तर पर बढ़कर करीब ₹4.75 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो रेलवे कैपेक्स और डिस्बर्समेंट की मजबूत रफ्तार दिखाता है। कंपनी का Net Interest Margin सालाना आधार पर 8% से ज्यादा बेहतर दिखा और मैनेजमेंट के मुताबिक बेहतर कोस्ट मैनेजमेंट व वैल्यू–एक्रेटिव डिस्बर्समेंट से मार्जिन प्रोफाइल मजबूत हुई है।
सैंक्शन, डिस्बर्समेंट और स्ट्रैटेजिक डील्स
IRFC ने FY26 के पहले नौ महीनों में ही लगभग ₹60,000 करोड़ के सैंक्शन कर लिए, जो पूरे साल के टारगेट के लगभग बराबर है, वहीं डिस्बर्समेंट लक्ष्य का करीब 75% पूरा हो चुका है। तिमाही के दौरान कंपनी ने DFCCIL के लिए लगभग ₹9,821 करोड़ के वर्ल्ड बैंक लोन को रुपये में रिफाइनेंस किया और लगभग JPY 46.45 बिलियन (लगभग 300 मिलियन डॉलर) का ECB भी उठाया, साथ ही ज़ीरो–कूपन बॉन्ड इश्यू करके फंडिंग सोर्स को और diversify किया।
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शेयर प्राइस और 2026 में रिटर्न की संभावनाएं
जनवरी 2026 के मध्य तक IRFC का शेयर प्राइस NSE पर लगभग ₹120–121 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जिसमें कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹1.58 लाख करोड़ और P/E रेश्यो करीब 23–24 के जोन में चल रहा है। पिछले कुछ तिमाहियों में शेयर ने रेलवे PSU थीम की रैली में तेज़ अपसाइड दिखाया है, और रिकॉर्ड मुनाफे, बढ़ते AUM, ज़ीरो NPA और लगातार “Excellent” रेटिंग जैसी पॉजिटिव बातों से 2026 में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहने की पूरी संभावना बनती है, हालांकि सरकारी पॉलिसी, ब्याज दरों और मार्केट वॉलेटिलिटी जैसे फैक्टर पर कड़ी नजर रखना जरूरी रहेगा।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







