Semiconductor : भारत की प्रमुख डिफेंस कंपनी Paras Defence and Space Technologies ने हाल ही में सेमीकंडक्टर सेक्टर में प्रवेश करते हुए अपनी नई सहायक कंपनी “Paras Semiconductors” लॉन्च की है। यह नई यूनिट खास तौर पर एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और हाई‑एंड चिप सॉल्यूशंस पर काम करेगी, जो डिफेंस, एयरोस्पेस और हाई‑परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में घरेलू स्तर पर ही अहम सप्लायर के रूप में जगह बनाई जाए।
डाटा सेंटर और हाई‑परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर फोकस
कंपनी की नई सेमीकंडक्टर यूनिट का फोकस केवल डिफेंस चिप्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डाटा सेंटर और एआई आधारित एप्लिकेशंस के लिए भी एडवांस्ड पैकेजिंग और चिप सॉल्यूशन तैयार करने पर होगा। भारत में तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर मार्केट और क्लाउड सर्विसेज के कारण हाई‑परफॉर्मेंस, लो‑लेटेंसी चिप्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे पूरा करने के लिए स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर और डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने से इस तरह की कंपनियों को नीति और इंसेंटिव दोनों स्तर पर फायदा मिलने की संभावना है।
सरकारी पहल और सेगमेंट की ग्रोथ
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, भारत में Micron, CG Power, Kaynes Technology और Tata Electronics जैसी कंपनियां 2026 से चिप्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं, जिससे घरेलू सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिलेगा। सरकार ने अब तक लगभग ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक निवेश वाले कई सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनका लक्ष्य डिफेंस, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल और डाटा सेंटर जैसे सेक्टर्स की मांग को देश के भीतर ही पूरा करना है। इस माहौल में Paras Defence जैसी डिफेंस‑फोकस्ड कंपनी की सेमीकंडक्टर यूनिट को ऑर्डर और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप दोनों मोर्चों पर मजबूत पोजिशन मिल सकती है।
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शेयर पर निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
नई सेमीकंडक्टर सब्सिडियरी की घोषणा के बाद Paras Defence के शेयर में ट्रेडिंग सेशन के दौरान तेज़ खरीदारी देखने को मिली और स्टॉक दिन के ऊपरी स्तरों के पास पहुंच गया। मार्केट में यह खबर पॉजिटिव मानी जा रही है क्योंकि कंपनी पहले से ही डिफेंस और स्पेस ऑप्टिक्स, ड्रोन्स तथा हाई‑टेक इक्विपमेंट में मजबूत ऑर्डर बुक के साथ काम कर रही है, अब सेमीकंडक्टर और डाटा सेंटर से जुड़े ऑर्डर जुड़ने की उम्मीद बढ़ गई है। एनालिस्ट मानते हैं कि अगर सरकारी PLI स्कीम और “Make in India” के तहत सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स समय पर आगे बढ़ते हैं, तो मध्यम से लंबी अवधि में ऐसी डिफेंस‑टेक कंपनियों की रेवेन्यू विजिबिलिटी और मार्जिन दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







